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अगर लोगों ने कनेक्शन को PNG में बदलने से मना किया, तो LPG सप्लाई काट दी जाएगी, सरकार का आदेश

 Published : Mar 25, 2026 02:10 pm IST,  Updated : Mar 25, 2026 03:44 pm IST

सरकार की इस पहल का मकसद एसपीजी गैस की आपूर्ति को उन इलाकों में बढ़ाना है, जहां पीएनजी का इन्फ्रास्ट्रक्चर मौजूदा समय में नहीं हैं। सरकार घरों और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को PNG की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

PNG पाइपलाइन के जरिए सीधे रसोई तक सप्लाई होता है।- India TV Hindi
PNG पाइपलाइन के जरिए सीधे रसोई तक सप्लाई होता है। Image Source : GASONET AND PIXABAY

सरकार ने नए आदेश के तहत कहा है कि जहां पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG कनेक्टिविटी उपलब्ध है, वहां घरों को एलपीजी (LPG) गैस सप्लाई तीन महीने के भीतर बंद कर दी जाएगी अगर उपभोक्ता PNG में स्विच नहीं करते। यह कदम गैस नेटवर्क का विस्तार तेज करने और एक ही ईंधन पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। भारत में वेस्ट एशिया में युद्ध और अन्य वैश्विक आपूर्ति बाधाओं के कारण एलपीजी की कमी बनी हुई है। इसी कारण सरकार घरों और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को PNG की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। PNG पाइपलाइन के जरिए सीधे रसोई तक सप्लाई होता है, जिससे बार-बार सिलेंडर बुक करने की आवश्यकता खत्म हो जाती है।

सरकार का स्पष्ट आदेश

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने नेचुरल गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण (पाइपलाइन और अन्य सुविधाओं के निर्माण, संचालन और विस्तार के माध्यम से) आदेश, 2026 जारी किया है। इसका उद्देश्य पाइपलाइन इन्फ्रास्ट्रक्चर को तेजी से विकसित करना, अनुमोदन प्रक्रिया सरल बनाना और LPG से PNG में बदलाव को बढ़ावा देना है। आदेश में कहा गया है कि अगर किसी घर ने PNG कनेक्शन नहीं लिया और यह तकनीकी रूप से संभव है, तो तीन महीने के बाद एलपीजी सप्लाई रोक दी जाएगी। अगर तकनीकी रूप से PNG कनेक्शन देना संभव नहीं है, तो नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट यानी NOC जारी किया जाएगा और इस स्थिति में LPG सप्लाई जारी रहेगी।

सरकार का क्या है मकसद

सरकार का यह कदम एलपीजी आपूर्ति को उन क्षेत्रों से मुक्त करना है, जहां पाइपलाइन कनेक्टिविटी उपलब्ध है, ताकि इसे उन क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जा सके जहां पाइपलाइन नहीं है। साथ ही यह ईंधन विविधीकरण और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने का प्रयास है। तेल सचिव नीरज मित्तल ने इस आदेश पर X (पूर्व में ट्विटर) पर कहा, “इस संकट को अवसर में बदला गया है।” इस आदेश के जरिए अब घरों को PNG की ओर बढ़ना अनिवार्य होगा और LPG सिलेंडर की आपूर्ति केवल उन घरों तक सीमित रहेगी जहाँ PNG कनेक्शन तकनीकी रूप से उपलब्ध नहीं है।

आदेश में खास बातें

  • पाइपलाइन इन्फ्रास्ट्रक्चर की तेज रोलआउट के लिए सार्वजनिक प्राधिकरणों को समयबद्ध अनुमति देनी होगी; निर्धारित समय में अनुमति नहीं देने पर स्वीकृति मान ली जाएगी।
  • आवासीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी के लिए अनुमति तीन कार्यदिवसों में और अंतिम मील PNG कनेक्शन 48 घंटे में उपलब्ध कराया जाएगा।
  • पाइपलाइन लगाने के लिए अनुमति नहीं देने या देरी करने पर अधिकारी नागरिक अदालत के समान शक्तियों के साथ हस्तक्षेप कर सकेंगे।
  • अनुमोदन मिलने के चार महीने के भीतर पाइपलाइन बिछाना अनिवार्य है; न करने पर दंड और एक्सक्लूसिव अधिकार खोने का खतरा रहेगा।
  • PNGRB को इस आदेश के कार्यान्वयन और अनुपालन की निगरानी करने वाला नोडल एजेंसी बनाया गया है।
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